कूलॉम का नियम
Physics

कूलॉम का नियम (Coulomb’s law in hindi)

May 19, 2021

विद्यार्थियों इस Article में कूलॉम का नियम के बारे में पूरी तरह से पढ़ेंगे। कूलॉम का नियम Class – 12 Physics का बहुत महत्त्वपूर्ण नियम है। जो Board Exam में भी कई बार पुछा जा चूका है। इसलिए इसको ध्यान से पढ़े।

कूलॉम का नियम (Coulomb’s law in hindi)

आवेशित वस्तुओं या दो बिंदु आवेशों के मध्य लगने वाले आकर्षण या प्रतिकर्षण के संदर्भ में सन 1785 ईसवी में प्रसिद्व फ्रांसीसी वैज्ञानिक कूलॉम ने ये नियम दिया था।
दो समान प्रक्रति के आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित तथा विपरीत प्रकृति के आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते है।

कूलॉम ने अपने नियम में बताया कि –

“दो स्थिर बिन्दु आवेशों के बीच कार्य करने वाला आकर्षण या प्रतिकर्षण का बल दोनो आवेशों के परिमाणों के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के  व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह बल दोनो आवेशों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है।’

माना दो आवेश q1 व q2 है। वे एक दूसरे से r दूरी पर स्थित हो, उनके बीच कार्य करने वाला विद्युत बल

कूलॉम का नियम (Coulomb's law in hindi)
F∝ q₁⋅q₂⁄r₂
समानुपाती चिन्ह हटाने पर
F=Kq₁q₂⁄r₂
K= समानुपाती नियतांक
जब q₁ तथा q₂ दो बिंदु आवेश हवा में एक दूसरे से r दूरी पर स्थित हो, तो उनके बीच कार्य करने वाला कुलाँम का बल  F=

जहाँ ε₀ हवा अथवा निर्वात की विद्युत शीलता है। यदि इन आवेशों के बीच ε विद्युतशीलता वाला कोई माध्यम भर दिया जाए तो उनके बीच कार्य करने वाला बल
कूलॉम का नियम (Coulomb's law in hindi)

कूलॉम के नियम से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य

1. यह नियम गति के तृतीय नियम का पालन करता है-
2. कूलॉम का नियम व्युत्क्रम वर्ग के नियम का पालन करता है। तथा विद्युत बल एक सरछी बल है। यह केंद्रीय बलो को भी व्यक्त करता है।
3. इस नियम के लिए आवेश बिन्दुवत एवं स्थिर होना चाहिए- परन्तु सामान्यत: गोलीय आवेशों को ही प्रयुक्त करते है। गतिशील आवेशों के मध्यबल केवल कूलॉम के नियम से प्राप्त नही किया जा सकता है।

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